पो’र्न देखने वाले खबरदार – ये काम किया तो हो सकती है जेल

0
3028
loading...

पॉ’र्न देखने वालों के लिए आई है बेहद ही बुरी ख़बर. जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है. असल में देश में बच्चों के शा’रीरिक उत्पी’ड़न के वीडियो शेयर करने के लिए वाट्सऐप ग्रुप्स का इस्तेमाल जारी है.

वाट्सऐप ने दावा किया है कि WhatsApp इस तरह के कॉन्टेंट को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की पॉलिसी पर चलती है. फिर भी कुछ ग्रुप्स में ये काम अभी तक चल रहा है.

सायबर सिक्यॉरिटी से जुड़ी सायबर पीस फाउंडेशन ने मार्च में दो सप्ताह से ज्यादा समय तक की गई जांच में ऐसे कॉन्टेंट से जुड़े दर्जनों वाट्सऐप ग्रुप खोज निकाले है. इन ग्रुप पर वाट्सऐप पब्लिक ग्रुप डिस्कवरी ऐप के जरिए नजर रखी जा रही है.

सायबर पीस फाउंडेशन में पॉलिसी की जिम्मेदारी संभालने वाले नीतीश चंदन ने बताया, बहुत से ऐसे ग्रुप है जो पैसे के बदले बच्चों और वयस्कों के साथ फिजिकल कॉन्टैक्ट को बढ़ावा दे रहे है. बच्चों को किसी तरह की अनुचित गतिविधि में दिखाने पर प्रतिबंध है.

इस मामले पर वाट्सऐप की प्रवक्ता ने कहा, हमने इन ग्रुप्स की रिपोर्ट को देखा है और सुनिश्चित किया है कि इस तरह के अकाउंट्स को हमारे प्लेटफॉर्म से बैन किया जाए.

आपको क्या लगता है दोस्तों, ऐसे ग्रुप और इन ग्रुप के लोगों के ऊपर क्या कार्रवाई होनी चाहिए?

भारत में पो’र्नो’ग्राफ़ी देखने वाले करोड़ों लोग हैं. मोबाइल इंटरनेट के विस्तार होने से पो’र्नोग्राफ़ी अब पर्सनल मामला हो गया है. आप कहीं भी, कभी भी ऐसे वीडियो देख लीजिये और किसीको पता भी नहीं चलेगा.

नहीं, पता तो ज़रूर चलेगा. आपके मोबाइल सर्विस ऑपरेटर और जो भी ऐप अपने डाउनलोड किये हुए हैं और जो आपकी ब्राउज़िंग पर नज़र रखते हैं उन्हें भी पता चलेगा.

इसलिए ये आपके लिए सिक्योरिटी और प्राइवेसी का भी मामला है, जिसको अनदेखी नहीं करना चाहिए.

फोन पर पो’र्न भेजने से हो सकती है जे’ल

आपकी ऑनलाइन आदतों को कई कंपनियां ट्रैक करती हैं. इनकी ट्रैकिंग की मदद से कंपनियों को ये पता लगता है कि आपके कैसे विज्ञापन ऑनलाइन दिखाए जाने चाहिए.

अगर आपके पो’र्न वेबसाइट के बारे में जानकारी किसी को मिल रहा हो तो आपके लिए वो परेशानी का कारण बन सकती है. प्राइवेट ब्राउज़िंग या कुकीज़ डिलीट कर देने से आप ऑनलाइन ट्रैकिंग से बच सकते हैं.

लेकिन इस रिपोर्ट के अनुसार इसमें अब ख़तरा बढ़ता जा रहा है.

ऐशले मैडिसन नाम के वेबसाइट के डेटा लीक होने के बाद लाखों लोगों के नाम सामने आये जब लोगों ने ऑनलाइन पो’र्न का सहारा लिया.

इसमें भारत के भी लोगों के नाम थे. इसके बाद कुछ आत्मह’त्या के भी मामले सामने आये. कुछ लोगों को ब्लै’कमेल का भी सामना करना पड़ा