जगल में मंगल वीडियो वायरल

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जयपुर, दोस्तों कहीं कहीं पर परंपराओं के नाम पर अजीब तरह की रस्मे निभाई जाती है जिनके बारे में सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है। दोस्तो आज आपको आदिवासी समाज की एक ऐसी परंपरा के बारे में बता रहे है जिसके बार में सुनकर आपका दिमाग खराब हो जाएगा महाराष्ट्र के आदिवासी बाहुल्य मंडला गांव में शादी समारोह को दौरान एक अजीब सी परंपरा निभाई जाती है।

मवई विकासखण्ड के बैगा बाहुल्य वनग्राम में सगाई होने के बाद तेंदू के पत्ते को मोड़कर बीडी के रूप मे पीते है। इस बीडी परंपरा को ‘चोंगी’ के नाम से जाना जाता है। दोस्तों यह परंपरा काफी पुरान समय से चली आ रही है। इस आदिवासी समुदाय मे दशरहा परंपरा के नाम पर एक गांव की युवतिया दूसरे गांव में जाकर नाचती गाती है और वहां के लड़को को जीवनसाथी चुनने के लिए उनको आकर्षित करती है।

इसके बाद युवक युवतिया एक दूसरे का साथ प्रणय निवेदन करते है। अगर वह इस दौरान एक दूसरे को पसंद आते है तो जंगल मे जाकर रात गुजारते है। और सुबह आकर अपने माता पिता का आशिर्वाद लेकर अपने जीवन की शुरूआत करते है। दोस्तों दशरहा परंपरा हर साल होली के बाद मनाया जाता है।

इसमे बैगा युवक युवतिया एक दूसरे के गांव जाकर नृत्य करते है। इस परंपरा को स्थानीय भाषा मे ले भाग ले भागी कहा जाता है लेकिन इस परंपरा के अनुसार एक किसी लड़की के साथ एक बार रात गुजारने के बाद उसके साथ शादी करनी होती है। लड़की परिजन भी इस परंपरा मे लड़के लड़कियों का साथ देते है। साथ ही उन्हें आशिर्वाद देकर अपने नए जीवन की शुरूआत का आशिर्वाद भी देते है।