ये बड़ा नेता गिरा सकता है मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार

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राजनीति गलियारों में नेताओं के दल बदलने की खबरें कोई नई बात नहीं है। अक्सर सरकार बनने के बाद भी नेता दल बदल कर सरकार गिरा देते हैं। ऐसा ही मामला हाल ही में मध्य प्रदेश में सामने आया था

जब भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की सरकार गिराकर मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार बना ली थी। लेकिन अब एक बार फिर से प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार मुसीबत में घिर गई है।

आपको बता दें मध्य प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा चेहरा ज्योतिरादित्य सिंधिया है। बीते साल ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी छोड़ भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन कर ली थी इसके बाद मध्यप्रदेश में कमलनाथ अपनी सरकार को बचा नहीं सके और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बन गए।

सिंधिया ने ज्वाइन की थी बीजेपी

लेकिन अब एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान की सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. बता दें कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने में अहम रोल कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का ही था जो कि बाद में बीजेपी में शामिल हो गए। सिंधिया ने कमलनाथ सरकार के 21 विधायक तोड़कर सरकार गिरा दी थी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक विधायक चाहते हैं मंत्री पद

बता दें कि वर्ष 2018 में हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था और कांग्रेस ने अपनी सरकार बनाई थी जिसमें कांग्रेस पार्टी की तरफ से कमलनाथ मुख्यमंत्री बने थे।

लेकिन दिसंबर आते-आते कमलनाथ सरकार डगमगाने लगी क्योंकि दिसंबर में हुए उपचुनावों में शिवराज सिंह चौहान को पूर्ण बहुमत हासिल हो गया।

नवजीवन इंडिया की खबर के अनुसार, दिसंबर में हुए उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 19 सीटें हैं तो वही कांग्रेस ने 9 सीटें जीती थी।

लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में कई विधायकों को शामिल न करने पर विवा’द खड़ा हो गया जो कि अब साफ दिखाई दे रहा है। क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायक, मंत्री पद चाहने पर अड़े हुए हैं।

और अब विधायकों के अंदर से यह दुख साफ नजर आ रहा है। जिसे अजय विश्नोई ने तो साफ जाहिर भी किया। वहीं भाजपा के अंदर विधायकों के असंतोष को लेकर पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि व्यक्तिगत पी’ड़ा हो सकती है। लेकिन संगठन अपने हिसाब से निर्णय करता है।

ऐसे में अब भाजपा के अंदर ही असंतोष बढ़ता जा रहा है। और इसका पता तब लगा जब कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा के 35 विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें सत्ता में बैठना है वह सिर्फ संगठन में जाकर संतुष्ट नहीं होंगे। 35 विधायक ऐसे हैं जो कि छह से सात बार निर्वाचित हुए हैं और वरिष्ठता के मामले में भी काफी आगे हैं।

इससे यह साफ जाहिर होता है कि जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना था वे भाजपा से नाराज चल रहे हैं। जिससे एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान सरकार पर खतरा के बादल मंडरा रहे हैं।